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स्पेशल ओलिंपिक में भारत ने रचा इतिहास , पदक तालिका में पहुँचा शीर्ष स्थान पर

Harshit Sharma 19 March 2019 10:34 AM Sports 36824

“स्पेशल ओलंपिक”2019 की पदक तालिका में भारत शीर्ष स्थान पर है..
क्या आपको खबर है??

अबु धाबी में चल रहे स्पेशल ओलंपिक 2019 की पदक तालिका में भारतीय 378 सदस्यीय वाले दल जिसमे 289 खिलाड़ी है जिसने रोलर स्केटिंग ,पॉवर लिफ्टिंग , टेबल टेनिस आदि तमाम खेल स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 37 स्वर्ण, 42 रजत एवं 46 कांस्य पदको के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाए हुए है। इतना बड़ा कीर्तिमान बनने के बाद क्या आपको खबर है??

किसे परवाह इनके लिए तो ,न्यूज़ चैनलो में जगह नही होती, टीआरपी का सवाल है भाई।

आपको जनना चाहिये कैसे 19 वर्षीय बालिका मनाली मनोज शेलके अपने तीन प्रयासो में असफल होती है, फिर कोच द्वारा जोश भरने पर वापसी करती हुई अंतिम बार मे भार उठाने में कामयाब हो जाती है , क्या उत्साह का क्षण होता है, यह सब कुछ हमारे लिए कुछ नही है हम कुछ दिन में शुरू होने वाले आईपीएल के इंतजार में जो बैठे है।

https://twitter.com/TheBridge_IN/status/1106841097559375872?s=20

उस अद्भुत बालिका द्वारा लागये सभी प्रयास क्रिकेट मैदान पर पड़ने वाले चौके-छक्कों के बाद के पटाखों से निकले धुंए में गुम हो जाएगा।
वह खेल जिसने विविधताओ वाले देश मे भी सेलेब्रिटी का दर्जा हासिल किया हुआ है ।

वैसे तो “जेंटलमैन गेम” कहे जाने वाले क्रिकेट कोई खासी
बुराई नही है ,जिस खेल ने खिलाड़ियों को रुतबा ,शानदार लाइफस्टाइल , लाखो करोड़ों की डील्स दी है।

चलो ठीक है आने वाले दिनों में
स्पेशल ओलंपिक के सुप्रीत सिंह, ऋषभ जैन ,प्रिया प्रकाश गाबा को भी उनकी शारीरिक अक्षमता के बावजूद आप सब उनकी इस उपलब्धि के कारण जरूर याद करोगे गूगल पर सर्च करके या फिर ट्विटर पर ट्रेंड करके.. बस इतना ही तो करते है हम..

और अगर ये सब ज्यादा खुशकिस्मत रहे तो अगले कौन बनेगा करोड़पति के सीजन में ई के बारे एकादा सवाल पूछ लिया जाएगा।क्या पता..??

रनवीर सैनी और फूलन देवी ने रचा था इतिहास

किसे याद होगा कि मात्र दो साल की उम्र में ही ऑटिज़्म बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद रनवीर सिंह सैनी ने गोल्फिंग इवेंट में भारत को पहला गोल्ड मैडल दिलाया था 2015 स्पेशल ओलम्पिक में।

और वो फूलन देवी का चेहरा भी शायद ही किसी के दिमाग मे आरहा होगा जिन्हीने पॉवर लिफ्टिंग में ही ज्यादा समय पहले नही 2015 संयुक्त राष्ट्र अमरीका में स्वर्ण पदक जीता था!!

यह सब इसके लायक है, यही वह लोग है जिसके लिए उन्हें तब साइन किया गया है ,जब उन्होंने खुद के लिए खेद महसूस करना बंद कर दिया और इस देश में खेलकूद को अपना लिया।

लेकिन वे कोई क्रिकेट खिलाड़ी नहीं हैं तो जाहिर है कि उनकी कोई विरासत नहीं है।

ये सब आने वाली पीढ़ियों को बताने के लिए अच्छी तरह से प्रलेखित कहानियों के लायक भी नहीं हैं, लेकिन इनकी कौन परवाह करता है?

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