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भारत मे टिकटॉक हो सकता है बैन, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की रद्द

Harshit Sharma 16 April 2019 1:37 PM Entertainment 52978

Tiktok को लेकर सरकार सख्त, जल्द ही भारत मे हो सकता है बैन

मद्रास हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने टिकटॉक की याचिका रद्द की।

दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय वीडियो एप्प टिकटॉक जल्द ही भारत मे बैन हो सकती है। मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद , सुप्रीम कोर्ट में टिकटोक की याचिका रद्द कर दी गई। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को जिस को लेकर भारत सरकार के सूचना प्रद्योगिकी मंत्रालय ने गूगल और एप्पल स्टोर से इसे हटाने को कहा है।

 भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Google और Apple को अपने ऐप स्टोर से चीनी वीडियो एप्लिकेशन TikTok को हटाने के लिए कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस संबंध में 3 अप्रैल को दिए गए मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर TikTok की याचिका को खारिज कर दिया था, ताकि ऐप के डाउनलोड पर प्रतिबंध लगाया जा सके.
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने 3 अप्रैल को एक आदेश पारित कर सरकार को देश में TikTok के डाउनलोड पर रोक लगाने का निर्देश दिया. फिर इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाया गया, जिसने इस आधार पर आदेश को रोकने से इनकार कर दिया कि यह मामला अभी भी विचाराधीन है।

22 अप्रैल को मामले की सुनवाई होगी

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी इस मामले में टिकटॉक पर मालिकाना हक वाली कंपनी बाइट डांस की ओर से पेश हुए। उन्होंने कहा कि इस एप को एक अरब से भी ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने इस मामले में दूसरे पक्ष की अनुपस्थिति में एक तरफा फैसला सुनाया है।

उन्होंने कहा कि अदालत ने इस संबंध में कोई नोटिस जारी नहीं किया और उनकी दलील सुने बिना ही आदेश जारी कर दिया। पीठ ने कहा कि यह मामला इस समय उच्च न्यायालय के विचाराधीन है और प्रतिबंध का आदेश मात्र एक अंतरिम आदेश है। पीठ ने कहा कि हम मामले को बंद नहीं कर रहे हैं। पहले उच्च अदालत को मामले पर विचार कर लेने दीजिए। हम इस पर अगली सुनवायी 22 अप्रैल को करेंगे।

मद्रास उच्च न्यायालय ने तीन अप्रैल को अपने आदेश में केंद्र सरकार को टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे।

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, TikTok ने आदेश को अपमानजनक, भेदभावपूर्ण और मनमाना बताया है और प्रतिबंध पर कोई टिप्पणी नहीं की है. अपने बचाव में, TikTok का कहना है कि इसे उस तरह की सामग्री के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है, जो प्लेटफ़ॉर्म पर थर्ड-पार्टीज़ अपलोड करती है.
TikTok ऐप पिछले एक साल में कुछ ज्यादा ही लोकप्रिय हुआ है. बता दें कि कंपनी ने पहले इसे म्यूजिकली (musically) के नाम से लॉन्च किया था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर टिक टॉक (TikTok) रख दिया गया.
एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल इस ऐप को दुनियाभर में तकरीबन 100 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है. आपको बता दें कि इस कंपनी के अधिकार चीनी कंपनी बाइटडांस (Bytedance) के पास है, जो दुनिया की सबसे ज्यादा वैल्यू वाली स्टार्टअप कंपनियों में से एक है.

 

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